Corporate Service

LLP Registration

Limited Liability Partnership (LLP) registration is the perfect business structure for startups and small-to-medium enterprises. It combines the benefits of a private limited company with the flexibility of a partnership firm, offering limited liability p

What you get
Clear eligibility & checklist
Timeline-driven process
Expert execution & support

Overview

LLP क्या है और यह क्यों बेस्ट है? Limited Liability Partnership (LLP) भारत में छोटे और मध्यम व्यवसायों (SMEs) और स्टार्टअप्स के बीच एक बहुत ही लोकप्रिय बिजनेस स्ट्रक्चर है। इसे Ministry of Corporate Affairs (MCA) द्वारा गवर्न किया जाता है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें पार्टनर्स की लायबिलिटी (देयता) सीमित होती है, यानी बिजनेस के नुकसान या कर्ज के लिए पार्टनर्स की पर्सनल प्रॉपर्टी को कोई खतरा नहीं होता। LLP Registration के मुख्य फायदे (Key Benefits): सीमित देनदारी (Limited Liability): पार्टनर्स केवल उनके द्वारा लगाई गई पूंजी (Capital) तक ही जिम्मेदार होते हैं। कोई न्यूनतम पूंजी नहीं (No Minimum Capital Requirement): आप इसे मात्र ₹5,000 या ₹10,000 की न्यूनतम पूंजी के साथ भी शुरू कर सकते हैं। कम अनुपालन लागत (Low Compliance Cost): एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी की तुलना में LLP को मेंटेन करना और इसका ऑडिट कराना काफी सस्ता और आसान होता है। अलग कानूनी अस्तित्व (Separate Legal Entity): कंपनी कानून की नजर में एक अलग व्यक्ति की तरह काम करती है, जो अपने नाम पर प्रॉपर्टी खरीद सकती है और केस भी कर सकती है। रजिस्ट्रेशन के लिए जरूरी डाक्यूमेंट्स (Documents Required): पार्टनर्स के लिए: पैन कार्ड (PAN Card), आधार कार्ड/वोटर आईडी, पासपोर्ट साइज फोटो और बैंक स्टेटमेंट। ऑफिस के लिए: रजिस्टर्ड ऑफिस का बिजली बिल (Electricity Bill) और मकान मालिक से नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC)।

Benefits

सीमित देनदारी (Limited Liability Protection): सबसे बड़ा फायदा यह है कि बिजनेस के कर्ज या नुकसान के लिए किसी भी पार्टनर की पर्सनल प्रॉपर्टी (जैसे घर, गाड़ी) को अटैच नहीं किया जा सकता। Parteners की देनदारी उनके द्वारा लगाई गई पूंजी तक ही सीमित होती है। कम अनुपालन और लागत (Low Compliance & Cost): एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के मुकाबले LLP को चलाना और उसके सरकारी नियम (Compliances) पूरे करना काफी सस्ता और आसान होता है। कोई न्यूनतम पूंजी नहीं (No Minimum Capital): आप इस बिजनेस को बिना किसी भारी रकम के, बहुत ही कम या नाममात्र की पूंजी (जैसे ₹5,000) से शुरू कर सकते हैं। पार्टनर्स की स्वतंत्रता (No Partner Liable for Other's Misconduct): अगर कोई एक पार्टनर कोई धोखाधड़ी या गलती करता है, तो उसके लिए दूसरे निर्दोष पार्टनर्स को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। निरंतर अस्तित्व (Perpetual Succession): पार्टनर्स के आने, जाने या बदल जाने से LLP बंद नहीं होती, यह कानूनी रूप से चलती रहती है।

Eligibility

LLP शुरू करने के लिए भारत में नीचे दी गई शर्तें पूरी होनी चाहिए: न्यूनतम दो पार्टनर्स (Minimum 2 Partners): एक LLP शुरू करने के लिए कम से कम 2 लोगों का होना जरूरी है। अधिकतम पार्टनर्स की कोई लिमिट नहीं है। दो डेजिग्नेटेड पार्टनर्स (2 Designated Partners): पार्टनर्स में से कम से कम 2 लोग 'डेजिग्नेटेड पार्टनर्स' होने चाहिए, जिनमें से कम से कम एक का भारतीय निवासी (Indian Resident) होना अनिवार्य है (यानी वह पिछले साल कम से कम 182 दिन भारत में रहा हो)। कोई भी व्यक्ति या बॉडी कॉर्पोरेट: कोई भी वयस्क (Adult) व्यक्ति, कंपनी या दूसरी LLP भी इसकी पार्टनर बन सकती है। रजिस्टर्ड ऑफिस एड्रेस: भारत में एक वैलिड कमर्शियल या रेजिडेंशियल एड्रेस होना चाहिए, जिसे कंपनी के ऑफिशियल एड्रेस के रूप में रजिस्टर किया जा सके।

Process

यह पूरी प्रोसेस MCA (Ministry of Corporate Affairs) के पोर्टल पर ऑनलाइन होती है: स्टेप 1: DSC (Digital Signature Certificate) बनवाना सभी डेजिग्नेटेड पार्टनर्स के लिए सबसे पहले DSC अप्लाई किया जाता है क्योंकि सभी फॉर्म्स ऑनलाइन डिजिटल साइन होते हैं। स्टेप 2: नाम की मंजूरी (Name Approval - RUN LLP) MCA पोर्टल पर जाकर 'RUN-LLP' फॉर्म के जरिए अपनी पसंद के 2 यूनिक नाम अप्लाई करने होते हैं। नाम के आखिर में "LLP" या "Limited Liability Partnership" होना जरूरी है। स्टेप 3: FiLLiP फॉर्म जमा करना (Incorporate LLP) नाम अप्रूव होने के बाद, FiLLiP (Form for incorporation of Limited Liability Partnership) भरा जाता है। इसी फॉर्म के साथ पार्टनर्स का DPIN (Designated Partner Identification Number) भी अलॉट हो जाता है। स्टेप 4: LLP एग्रीमेंट तैयार करना और फाइल करना (Form 3) रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट मिलने के 30 दिनों के भीतर, सभी पार्टनर्स के बीच का आपसी 'LLP Agreement' स्टैंप पेपर पर नोटरी करवाकर Form 3 के जरिए MCA पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य होता है।
Request Support
Share your details. We’ll reply with the required documents and timeline.
Submitted details are emailed to admin (no lead-management UI).